बकायेदारों से संपर्क, 4.33 लाख बकाया जमा

व्यापार कर, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर, मनरंजन कर व टेलीविजन नेटवर्क कर से सृजित बकाया पर लंबित ब्याज व अर्थदंड माफी योजना के संबंध में जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 संपूर्णानंद पांडे ने समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वाणिज्य कर के बकायेदारों के लाभ व हित में शासन की ओर से ब्याज माफी योजना 2020 लागू की गई है, जो 27 फरवरी से तीन माह तक के लिए लागू रहेगी।


गुरुवार को प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में वाणिज्य कर को व्यापारियों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वाणिज्य कर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि 27 फरवरी से अब तक 921 बकायेदार व्यापारियों से संपर्क कर ब्याज माफी योजना से अवगत कराया गया है। साथ ही ऑनलाइन 1286 बल्क एसएमएस भेजे गए हैं। इस योजना के अंतर्गत 5 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिसमें 4.33 लाख मूल बकाया व 0.61 लाख ब्याज जमा कराया गया है। साथ ही 1.76 लाख ब्याज माफ करने की कार्रवाई अधिकारियों के द्वारा की जा रही है।


एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ने बताया कि ब्याज माफी आवेदन केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। 31 मार्च तक सृजित बकाया व देय ब्याज की माफ न की जाने वाली धनराशि का न्यूनतम 25 प्रतिशत जमा करने के बाद ही ब्याज माफी का प्रार्थना पत्र स्वीकार्य होगा।


31 मार्च तक पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट




संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि 31 मार्च तक एकमुश्त मूल धनराशि व योजना के अंतर्गत जमा किए जाने वाले ब्याज पर पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यह व्यवस्था शासन की ओर से की गई है। साथ ही ब्याज की धनराशि एक वर्ष की अवधि में चार त्रैमासिक व 12 मासिक किश्त में जमा करने का विकल्प भी व्यापारी को दिया गया है।


व्यापारियों के लिए सुनहरा अवसर


एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 मेरठ जोन ने बताया कि व्यापारियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। 31 मार्च से पहले सृजित बकाया का मूलधन जमा करते हुए शासन की ब्याज माफी व अर्थदंड से मुक्ति की सुविधा का भरपूर लाभ उठाया जा सकता है।