सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ ने निर्भया के दोषियों की फांसी पर सवाल उठाते हुए कहा, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को फांसी पर लटकाने के बाद क्या ऐसे घृणित अपराध रुक जाएंगे? उन्होंने यह सवाल पूछते हुए एक केस का भी हवाला दिया है, जानिए कौन सा है वो केस और उन्होंने क्या-क्या कहा....
उन्होंने कहा, बचन सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मौत की सजा केवल दुर्लभतम मामलों में दी जानी चाहिए। वह भी केवल तभी जब सारे विकल्प समाप्त हो जाएं।जोसेफ ने कहा, ऐसे अपराध करने वालों को हमेशा के लिए जेल भेज दिया जाना चाहिए। समाज को कहना चाहिए कि यदि कोई ऐसा अपराध करता है, उसे हमेशा के लिए सलाखों के पीछे रहना होगा।वहीं फांसी के बाद लोग अपराध के बारे में भूल जाते हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि चारों गुनहगारों को फांसी पर लटकाने से निर्भया के माता-पिता को न्याय मिलेगा।
हालांकि हम सबको पीड़िता के माता-पिता के प्रति सहानुभूति है। जोसेफ ने गांधी जी का उद्धरण देते हुए कहा कि आंख के बदले आंख लेने पर तो पूरी दुनिया ही अंधी हो जाएगी।